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स्पायवेयर क्या है? What is Spyware IN HINDI

स्पायवेयर एक एसा Malware है, जिससे आपका Device मोबाइल और कंप्यूटर को किसी तीसरा व्यक्ति Operate कर सकता है और आपका गुप्त डाटा वह तीसरा व्यक्ति चोरी करके गलत इस्तेमाल कर सकता है, जो की यह बहोत खतरनाक है तो चलिये Spayware क्या है? और उससे कैसे बचा जा सकता है की पूरी पूरी जानकारी वह भी हिन्दी मे सरल शब्दों द्वारा।

आज के वर्तमान समय मे Data का महत्त्व काफ़ी demandable है, छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उत्पादको के लिये Data एक पैसा कमाने का incoming स्त्रोत है, जितना डाटा आपके पास है समझो आपके पास काफ़ी पैसा मौजद है, सवाल यह है की डाटा आता कैसे है, पहले के दौर मे लोगो के पास किसी ना किसी बहाने से फॉर्म भरवाकर डाटा ईखट्टा किया जाता था, आज भी डाटा जमा करवाने की परंपरा है मगर तरीका काफ़ी बदल चुका है, Cyber criminal यूज़र्स के डाटा उसकी जानकारी के बगैर हासिल करने के लिये तरह तरह के तरीके अपनाते है, उसमे खास करके स्पायवेयर सॉफ्टवेयर, बिग डाटा एनालिसिस, आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमे सबसे ज़्यादा इस्तेमाल spyware software का किया जाता है, तो चलिये हम आपको स्पायवेयर क्या है उसकी पुरी पुरी जानकारी देते है वह भी हिन्दी मे सरल शब्दों द्वारा।

स्पायवेयर क्या है? What is Spyware

Spyware एक maalware सॉफ्टवेयर है जो मोबाइल या कंप्यूटर  के users को जानकारी दिये बगैर ही install किया जाता है उसकी permission के बिना, स्पायवेयर सॉफ्टवेयर मोबाइल या कंप्यूटर मे install हो जाने के बाद  users के द्वारा की गयी पुरी गतिविधियों पर ध्यान रखा जाता है, जिसकी मदद से users के तमाम डाटा चुरा लिया जाता है उसके बाद users के important Data को encrypt करके उसे अच्छी तगडी किंमत पर बेचा जाता है, कई मर्तबा तो user को लालच देकर यह software डाउनलोड करवाया जाता है, जैसे ही वह install कर लेता है उसके डाटा को चुरा लिया जाता है, एसा ज़रुरी नही की हर बार इसका इस्तेमाल cyber criminal के द्वारा ही किया जाता है, बल्कि कई cases मे company के मालिक अपने कर्मचारियो पर ध्यान रखने के लिये भी एसे spyware software  का इस्तेमाल करते है।

Spyware software को कैसे पहचान सकते है?

स्पायवेयर को पहचानना काफ़ी मुश्किल भरा है, क्योकी उसमे किसी भी तरीके का सॉफ्टवेयर डायरेक्ट मोबाइल या कंप्यूटर मे install नही कर सकते या कोई अलग सॉफ्टवेयर मोबाइल या कंप्यूटर मे देखने को मिलता है, जिससे कई मर्तबा मोबाइल या computer की गती ना तो धीमी पड़ती है और ना ही device Hang होते है, सिर्फ जो आप जो का कर रहे हो उसका monitoring कोई द्य्सृ व्यक्ति दुनीया मे कही से भी कर सकता है, जिससे आपका डाटा सेफ़ नही रहता, मगर Spyware को पहचान ने के लिये एक ज़रूरी बात यह हे की अगर आपका मोबाइल या कंप्यूटर internet का इस्तेमाल करते समय बहोत धीमी गती से process होने लगे या फिर मोबाइल battery का charging जल्दी से डाउन हो जाता हो तो समझ लिजीये की आपके डिवाइस मे स्पायवेयर download हुवा है।

स्पायवेयर की क्या विशेषताएँ है?

• स्पायवेयर की वजह से मोबाइल की battery जल्दी से डाउन हो जाती है।

• सामान्य परिस्थिति के मुकाबले मोबाइल और कंप्यूटर ज़्यादा गरम हो जाता है।

• स्पायवेयर की वजह से मोबाइल फ़ोन बार बार Reboot या Shutdown होने लगता है।

• Spyware maalware की वजह से फ़ोन calls के दौरान interrupt होना।

• इंटरनेट डाटा सामान्य स्थिति से ज़्यादा इस्तेमाल होने लगता है।

• मोबाइल shutdown और restart होते वक़्त सामान्य परिस्थिति के हिसाब से ज़्यादा वक़्त लेने लगता है।

• मोबाइल और कंप्यूटर डिवाइस मे popup window बार बार ओपन होते रहता है, जिससे डिवाइस का इस्तेमाल करते समय परेशानी रहती है।

• device मे Applocations अपने आप install या फिर डिलीट हो जाती है।

• मोबाइल अगर आपका इस्म्तेमाल मे ना हो फिर भी बीप की अवाज कभी कभी आती रहती है।

• कई मर्तबा Spyware की वजह से मोबाइल मे  बिना काम के unusual मैसेज आते रहते रहते है।

स्पायवेयर के कीतने प्रकार है?

1) Adware Spyware :-

एडवेयर का मुख्य काम यह है की वह डिवाइस की catch memory पढ़ता है, जिससे hacker user के डिवाइस browser की हिस्ट्री और डाउनलोड हिस्ट्री ट्रैक कर सकता है, Hacker यह information जान लेने के बाद उसके बाद user को उसके हिस्ट्री search के आधार पर Advertisement उसके मोबाइल पर या फिर social media सर्फिंग दौरान display करता है।

2) Trojan Spyware :-

ट्रोज़न एक बहोत खतरनाक spyware है, जो वह एक Origional software की हुबहू कॉपी है, ट्रोज़न spyware यूज़र को origional सॉफ्टवेयर का एहसास दिलाता है और वह बिना permission user के Device मे Enter हो जाता है और यूज़र को पता भी नही चलता, उसका संचालन third party hacker के द्वारा करने मे आता है, जिसका मुख्य काम डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल करना और बैंक details की चोरी करना है जिससे वह उसका गलत इस्तेमाल करके user को नुक्सान पहोचाता है।

3) Tracking Cookies :-

ट्रेकिंग कुकीज़ स्पायवेयर user के मोबाइल मे save किये हुवे cookies के आधार पर web serch ऐक्टिविटी को ट्रैक करता है, जिसमे Browser, History, Search और download यह सब शामिल है, इन सब चीज़ो का इस्तेमाल मार्केटिंग purpose के लिये किया जाता है।

4) System Monitor :-

सिस्टम मॉनिटर spayware user के मोबाइल मे इस्तेमाल सभी ऐक्टिविटी को एक जगह जमा करने के लिये सक्षम है, यह Emails, Chats, Programms, kistrok और User के द्वारा visit की गयी websites की पूरी पूरी जानकारी को रिकॉर्ड करता है।

5) Mobile Spyware :-

मोबाइल स्पायवेयर बहोत ही जोखमी है क्योकी यह स्पायवेयर mobile के ज़रिये MMS और SMS text mesaage द्वारा एक जगह से दुसरी जगह भेज सकते है, सामान्य रुप से देखा जाये तो Allow Permissions के लिये users की कोई भी प्रतिक्रिया की ज़रुरत नही पड़ती, जब मोबाइल डिवाइस मे मोबाइल स्पायवेयर enter कर चुका हो तब user के मोबाइल का केमेरा और microphone की ऐक्टिविटी, फ़ोन कॉल डिटेल्स, कीसट्रोक और Browsing हिस्ट्री की जासूसी के लिये मुख्यरूप से इस्तेमाल किया जाता है, उसके अलावा GPS और मोबाइल कंप्यूटिंग डिवाइस के एक्सेलरोमीटर द्वारा भी डिवाइस के यूज़र का लोकेशन ट्रेस कर सकते है।

स्पायवेयर malware से कैसे बचा जा सकता है?

• हमेशा device मे Anti Spyware Software इन्सटॉल करके रखना चाहिए।

• Browsing के दौरान कोई भी popup या Advertisement के message पर गलती से भी क्लिक ना करे।

• Software को वक़्त पर अपडेट करते रेहना चाहिये।

• जो सॉफ्टवेयर इस्तेमाल मे नही हो यूज़र को वह डिलीट कर देना चाहिए।

• अगर possible हो तो user को चाहिये की 6 महिने मे एक मर्तबा अपना मोबाइल factory Reset करते रहे।

• free सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कभी नही करना चाहिए।

• जो Applications की Rating 4 star से कम हो उसे कभी भी install नही करना चाहिए, उसके इस्तेमाल से बचना चाहिए।

• social media की तरफ से आयी हुयी लिंक जैसे http या https पर भुल से भी click किजीये।

• इसके अलावा Short links url जैसे bitly को भी confirm किये बिना click मत किजीये।

• मोबाइल के in built Applications और दुसरी जो ज़रुरी काम की हो Applications हो उसी को install करे उसके अलावा ज़्यादा बिना काम की App को install ना करे।

• Play store या App store अलावा किसी और जगह से ऐप्लिकेशन install कभी ना करे।

• नये contact number, Mail और social मीडिया द्वारा आये गये jpg और gif फ़ाईल download ना करे।

• हमेशा आपको अपने डिवाइस मे Auto download ऑप्शन को off mode पे रख्ना चाहिये।

• आपके सारे social media acoount को Two factor Authentication पर रखना चाहिये।

Spyware मालवेर से बचने के लिये कौनसी Technology का इस्तेमाल करना चाहिए?

Blockchain Technology
यह एक एसी टेक्नोलॉजी है जिसके इस्तेमाल करने पर यूज़र spyware virus से अपने डिवाइस को सुरक्षित रख सकता है।

ब्लॉकचेन क्या है? What is Blockchain

ब्‍लॉकचेन तकनीक एक ऐसी तकनीक है जिसमें क्रेता विक्रेता के बिच सीधा ही पैसे का स्थानान्तरण किया जाता है इस ट्रांजेक्‍शन में किसी भी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं होती है, वर्तमान में दो लोगों के मध्य पैसों का स्थानान्तरण तीसरे पक्ष के माध्यम से ही होता है यह तीसरे पक्ष जैसे Bank, Paypal, Money Transfer आदि होती हैं और हमें इन लेनदेन के लिए सेवा शुल्क अधिक देना होता है, जबकि ब्लॉकचेन में तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं होती है, ब्लॉकचेन तकनीक में किये गये ट्रांजेक्‍शन में बहुत कम समय लगता है, इसके अलावा ब्लॉकचेन पूर्ण रुप से सुरक्षित है।

2008-09 में बिटक्‍वाइन टेक्‍नोलॉजी द्वारा लाॅन्‍च की गई यह तकनीक बेहद जटिल है। इसे हैक करना मुश्किल समझा जाता है और यह कभी भी हुए सभी डिजिटल ट्रांजेक्‍शन का ब्‍योरा रखती है। साइबर क्राइम और हैकिंग को रोकने के लिए ब्‍लॉकचेन तकनीक को फुलप्रूफ सिस्‍टम के तौर पर जाना जाता है।

ब्लॉकचेन वितरित डाटा बेस होती है इसमें लगातार कई रिकार्ड्स को संधारित किया जाता है जिन्हें ब्लॉक कहते हैं जिसमे प्रत्येक ब्लॉक अपने पूर्व के ब्लॉक से लिंक रहता है। इस तकीनीकी में हजारों कंप्यूटर पर इन्क्रिप्टेड अथवा गुप्त रूप से डाटा सुरक्षित रहता है इसे पब्लिक लेजर भी कहते हैं। इसे हैक करने के लिए सभी हजारो कंप्यूटर में एक साथ साइबर अटैक करना होगा जो की नामुमकिन है, इसे सातोशी नाकामोतो  नामक व्यक्ति ने खोजा था जो जापान  देश के है।

भारत मैं हैकिंग रोकने और साइबर सिक्‍योरिटरी को बढ़ावा देने के लिए ब्‍लॉकचेन तकनीक लागू करने वाला आंध्र प्रदेश पहला राज्‍य है।

अगर किसी को अपना ब्लॉकचेन अकाउंट  बनाना हो तो वो वह यह लिंक पर क्लिक करके website पर जाकर बना सकता है।

CREATE BLOCKCHAIN ACCOUNT

स्पायवेयर मालवेर के लिये कोनसी   टेक्निक का गलत इस्तेमाल किया जाता है?

Spayware virus का अटेक करने के लिये hacker’s Artificial intelligence and big data Analysis टेक्निक का गलत तरीके से इस्तेमाल करते है।

स्पायवेयर क्या है Article का आखरी शीर्षक

मे आशा करता हू की मेरा यह Article आपको ज़रूर अच्छा लगा होगा और आपने इस पोस्ट (स्पायवेयर क्या है?) की माध्यम से बहोत कुछ सिखा होगा ।

मेरा यही लक्ष्य रहा है की आप जब मेरा यह आर्टिकल Spayware क्या है ? को पढ़ें तो आप को इस के related पुरी के पुरी जानकारी प्राप्त हो वह भी हिन्दी मे सरल शब्दो द्वारा।

अगर आप यह Article के प्रति कुछ कहना चाहते है या कोई शंका है तो आप नि:संकोच होकर निचे Comments मे बता सकते है।

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16 replies on “स्पायवेयर क्या है? What is Spyware IN HINDI”

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